अरविंदालय डेली
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: उत्पादन प्रोत्साहनों की प्रगति की समीक्षा
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माण और पायलट परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जांचीनई दिल्ली | ऊर्जा एवं पर्यावरण

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माण प्रोत्साहन और हरित अमोनिया उत्पादन संयंत्रों के निर्माण कार्य की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के तहत आवंटित विनिर्माण इकाइयों की स्थापना निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। इस समीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य 2030 तक 50 लाख टन वार्षिक हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की बाधाओं को दूर करना है। बैठक में बंदरगाहों के समीप बंकरिंग और निर्यात अवसंरचना स्थापित करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही उर्वरक और तेल शोधन क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के अनिवार्य उपयोग के दिशानिर्देशों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रालय के अनुसार, आगामी तिमाही में चिन्हित हाइड्रोजन हब में ग्रिड कनेक्टिविटी और जल आपूर्ति की औपचारिक समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर भूमि आवंटन की…
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून: अनुपालन मानकों की रूपरेखा अंतिम चरण में
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने डेटा फिड्यूशियरी और सहमति प्रबंधकों के लिए नियम स्पष्ट किएनई दिल्ली | प्रौद्योगिकी एवं नीति

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून के अंतर्गत नियम-पुस्तिका के अंतिम प्रारूप पर उद्योग प्रतिनिधियों के साथ चर्चा पूरी कर ली है। नियमों में उपयोगकर्ताओं की स्पष्ट सहमति, डेटा न्यूनतमकरण और बच्चों के डेटा प्रबंधन के सख्त प्रोटोकॉल शामिल किए गए हैं। नए मानकों के अनुसार बड़ी डेटा फिड्यूशियरी संस्थाओं को अनिवार्य रूप से भारत में स्वतंत्र डेटा ऑडिटर्स नियुक्त करने होंगे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में प्रस्तावित डेटा सुरक्षा बोर्ड द्वारा जांच और जुर्माने की पारदर्शी प्रक्रिया तय की गई है। इस कदम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में नागरिकों की गोपनीयता को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि अंतिम अधिसूचना के बाद कंपनियों को व्यापक प्रणालियों को अद्यतन करने के लिए चरणबद्ध संक्रमण अवधि प्रदान की जाएगी। इसके लिए तकनीकी सहायता डेस्क भी गठित किया जा रहा है।
मिशन कवच 4.0: स्वर्णिम चतुर्भुज रेल मार्गों पर स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली का विस्तार
रेल मंत्रालय ने दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर लोकोमोटिव उन्नयन कार्य तेज कियानई दिल्ली | रेलवे अवसंरचना

भारतीय रेल ने स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 की स्थापना कार्य की प्रगति रिपोर्ट जारी की है। उच्च घनत्व वाले रेल नेटवर्क, विशेषकर दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्गों पर ट्रैकसाइड उपकरण और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम तेजी से संचालित किया जा रहा है। कवच प्रणाली लोको पायलट द्वारा सिग्नल अनदेखा करने की स्थिति में ट्रेन को स्वतः ब्रेक लगाकर रोकती है और खराब मौसम में कैब सिग्नलिंग की सुविधा देती है। रेलवे बोर्ड के अनुसार 10,000 से अधिक इंजनों में ऑन-बोर्ड यूनिट लगाने की निविदा प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर स्वीकृत हो चुकी है। इस तकनीक के विस्तार से रेल परिचालन की संरक्षा में भारी सुधार का अनुमान है। परियोजना के तहत आगामी महीनों में स्टेशन डेटा इंटरलॉकिंग और आरएफआईडी टैग की गुणवत्ता की व्यापक टेस्टिंग की जाएगी। क्षेत्रीय रेलवे महाप्रबंधकों को काम समय पर पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई है।
उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं का विस्तार: तकनीकी और चिकित्सा पाठ्यपुस्तकों का नया संस्करण
शिक्षा मंत्रालय ने क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित 22 उच्च शिक्षण पुस्तकों के वितरण की तैयारी कीनई दिल्ली | शिक्षा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अंतर्गत तकनीकी, इंजीनियरिंग और प्रबंधन विषयों की पाठ्यपुस्तकों को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की मुहिम ने गति पकड़ी है। शिक्षा मंत्रालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने अनुवादित सामग्री की अकादमिक समीक्षा पूरी कर ली है। इस पहल के तहत स्नातक स्तर के आधारभूत विषयों का अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुवाद टूल्स और विषय विशेषज्ञों के संयुक्त सत्यापन से किया गया है। इसका उद्देश्य भाषाई बाधाओं को समाप्त कर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाना है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों को इन अनुमोदित पुस्तकों को पुस्तकालयों और पाठ्यक्रम संदर्भ सूची में जोड़ने का निर्देश दिया है। अगले सत्र से डिजिटल प्रारूप में ये पुस्तकें आधिकारिक पोर्टल पर निःशुल्क डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैंकिंग प्रणाली में तरलता प्रबंधन: रिजर्व बैंक ने खुले बाजार परिचालन की समीक्षा की
मुद्रास्फीति नियंत्रण और ऋण प्रवाह के संतुलन के लिए मौद्रिक उपायों पर केंद्रीय बैंक का ध्यानमुंबई | अर्थव्यवस्था

भारतीय रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों में तरलता की स्थिति और अल्पकालिक ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव की निगरानी के बाद तरलता प्रबंधन रणनीति की समीक्षा की है। वित्तीय बाजार में टिकाऊ ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने और मुद्रास्फीति दबावों को नियंत्रित रखने के दोहरे उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि तरलता समायोजन सुविधा के अंतर्गत ओवरनाइट और सावधि रेपो परिचालनों का संचालन बाजार की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा रहा है। ऋण वृद्धि की दर और जमा दरों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए बैंकों को परिसंपत्ति-देनदारी प्रबंधन सुदृढ़ करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बैंकिंग प्रणाली की पूंजी पर्याप्तता सुदृढ़ बनी हुई है। आने वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा बाजार के प्रवाह और सरकारी नकद शेष के आधार पर आगे के कदम तय होंगे।
गगनयान मिशन: मानवरहित परीक्षण उड़ान के लिए क्रू मॉड्यूल का एकीकरण शुरू
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में प्रणोदन प्रणाली और पैराशूट रिकवरी की अंतिम जांच जारीबेंगलुरु | विज्ञान एवं अंतरिक्ष

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम 'गगनयान' की आगामी मानवरहित परीक्षण उड़ान के लिए तैयारी तेज कर दी है। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल का एकीकरण कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जारी है। इस परीक्षण उड़ान का प्राथमिक उद्देश्य कक्षीय पुनरागमन, थर्मल सुरक्षा प्रणाली और समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग के लिए पैराशूट अवतरण प्रणाली की विश्वसनीयता जांचना है। मॉड्यूल में व्योममित्र रोबोटिक पेलोड स्थापित किया जाएगा, जो चालक दल के केबिन के पर्यावरणीय मापदंडों का डेटा एकत्र करेगा। इसरो वैज्ञानिकों के अनुसार प्रणोदन प्रणाली के स्थिर परीक्षण पहले ही सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। आगामी हफ्तों में रॉकेट के अंतिम चरण के साथ मॉड्यूल को जोड़ने के बाद पूर्ण मिशन सिमुलेशन आयोजित किया जाएगा।
धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब: निर्माण कार्य में बुनियादी ढांचे की स्थापना का पहला चरण पूरा
अल्ट्रा-प्योर वॉटर और समर्पित विद्युत सबस्टेशन का कार्य निर्धारित समय-सारिणी पर अग्रसरगांधीनगर | उद्योग एवं विनिर्माण

गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में स्थापित हो रहे भारत के पहले व्यावसायिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन संयंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया गया है। परियोजना स्थल पर स्वच्छ कक्ष (क्लीनरूम) के लिए आधारभूत सिविल कार्य और भारी मशीनरी स्थापना के लिए कंपन-मुक्त नींव का निर्माण पूरा हो चुका है। इस मेगा परियोजना के लिए समर्पित विद्युत ग्रिड सबस्टेशन और दैनिक लाखों लीटर अल्ट्रा-प्योर वॉटर शोधन संयंत्र की स्थापना समानांतर रूप से की जा रही है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत इस परियोजना से देश में डिस्प्ले ड्राइवर, पावर मैनेजमेंट और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स चिप्स के घरेलू उत्पादन को बल मिलेगा। उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के साथ विनिर्माण टूल्स की डिलीवरी और असेंबली के समझौते तय हो चुके हैं। संयंत्र में कुशल तकनीकी श्रमशक्ति के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शेष पैकेजों की प्रगति की समीक्षा
सड़क परिवहन मंत्रालय ने लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने के लिए इंटरचेंज निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिएनई दिल्ली | अवसंरचना एवं परिवहन

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों के निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अंतर्गत मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती पैकेजों में निर्माण की भौतिक प्रगति की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने वन्यजीव गलियारों पर बनाए जा रहे अंडरपास और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से जोड़ने वाले इंटरचेंज लिंक्स की स्थिति का जायजा लिया। इस एक्सप्रेसवे के पूर्ण संचालन से राष्ट्रीय राजधानी और वित्तीय राजधानी के बीच माल ढुलाई के समय और लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आने का अनुमान है। समीक्षा के दौरान कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए गए। मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन को शेष भू-अधिग्रहण और वन मंजूरी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा है।
संसदीय परिसीमन और संघवाद: सर्वोच्च न्यायालय में संवैधानिक याचिकाओं पर सुनवाई
राज्यों के प्रतिनिधित्व और जनसंख्या आधारित पुनर्गठन के कानूनी पहलुओं पर तर्कों की प्रस्तुतिनई दिल्ली | न्यायपालिका एवं संविधान

सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ के समक्ष भविष्य के संसदीय और विधानसभा परिसीमन से जुड़ी याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग उठाई। केंद्र सरकार की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि परिसीमन एक संवैधानिक अनिवार्यता है, जो निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांत पर आधारित है। पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि संघवाद और जनसांख्यिकीय संतुलन दोनों ही संविधान के बुनियादी ढांचे से जुड़े संवेदनशील विषय हैं। न्यायालय ने संबंधित पक्षों को अपने लिखित संकलन और तुलनात्मक आंकड़ों के साथ अतिरिक्त हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए विशेष तिथियां निर्धारित की गई हैं।
रबी बुवाई सीजन 2026: गेहूं और दलहन के रकबे में बढ़ोतरी, बीज वितरण तेज
कृषि मंत्रालय ने राज्यवार उर्वरक उपलब्धता और मृदा नमी की स्थिति की अनुकूलता दर्ज कीनई दिल्ली | कृषि नीति

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार रबी फसलों की बुवाई ने देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में जोर पकड़ लिया है। अनुकूल मानसूनी बारिश के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी और जलाशयों में जल स्तर बेहतर होने से बुवाई की गति तेज दर्ज की गई है। मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि गेहूं, चना और सरसों के प्रमाणित बीजों का वितरण सहकारी समितियों और निजी केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से चल रहा है। रबी फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बाद किसानों में दलहन और तिलहन के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उर्वरक विभाग ने राज्यों में यूरिया और डीएपी की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। आगामी पखवाड़े में उत्तरी राज्यों में बुवाई अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है।
आयुष्मान भारत: 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के पंजीकरण में तेजी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने समर्पित कार्ड जारी करने के लिए विशेष शिविरों का दायरा बढ़ायानई दिल्ली | स्वास्थ्य

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की है। देश भर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम पंचायतों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत आय सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं रखा गया है, जिससे सेवानिवृत्त और बुजुर्ग आबादी को द्वितीयक तथा तृतीयक स्तर के अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार पहले महीने में लाखों बुजुर्गों ने आधार प्रमाणीकरण के जरिए अपने वय वंदना कार्ड सक्रिय कराए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी सूचीबद्ध अस्पतालों को बुजुर्ग मरीजों के लिए अस्पताल में विशेष हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं ताकि भर्ती और अनुमोदन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
स्मार्ट सिटीज मिशन: निर्मित परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए नई नीति
शहरी कार्य मंत्रालय ने नगर निगमों के लिए आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल का प्रारूप तैयार कियानई दिल्ली | शहरी विकास

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत पूरी हो चुकी परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्रों (आईसीसीसी), स्मार्ट जल मीटरिंग और सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग प्रणालियों के टिकाऊ प्रबंधन पर बल दिया गया है। मंत्रालय ने पाया कि कई शहरों में अत्याधुनिक अवसंरचना बनने के बाद परिचालन बजट की कमी से सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए नई नीति में विज्ञापन राजस्व, सेवा शुल्क युक्तिकरण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिए परिचालन लागत जुटाने की रूपरेखा सुझाई गई है। नगर निगमों को इन परिसंपत्तियों के डिजिटल ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। अगले चरण में चयनित शहरों के आईसीसीसी को आपातकालीन आपदा प्रबंधन प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक: स्वदेशी नौसैनिक जहाजों और निगरानी प्रणालियों को मंजूरी
सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए घरेलू रक्षा विनिर्माण को प्राथमिकतानई दिल्ली | रक्षा

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में भारतीय सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण खरीद प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत प्रस्तावों में भारतीय नौसेना के लिए नई पीढ़ी के गश्ती पोत और उन्नत सोनार प्रणालियां शामिल हैं। यह निर्णय 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को सशक्त बनाने के क्रम में लिया गया है। अधिकांश खरीद अनुबंध भारतीय शिपयार्डों और घरेलू निजी रक्षा विनिर्माताओं को दिए जाएंगे, जिससे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा। परिषद ने थल सेना और वायु सेना के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और संचार उपकरणों के उन्नयन को भी सैद्धांतिक सहमति दी। अनुबंधों की औपचारिक वित्तीय मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।
एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन: ग्रैप के कड़े चरणों की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित
सर्दियों के चरम से पहले औद्योगिक उत्सर्जन, धूल नियंत्रण और वाहनों की जांच पर सख्तीनई दिल्ली | पर्यावरण

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण सूचकांक में संभावित गिरावट को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत प्रवर्तन कार्य तेज कर दिया है। दिल्ली और एनसीआर के जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और मुख्य परिवहन गलियारों की जांच के लिए उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं। आयोग ने डीजल जनरेटर सेटों पर प्रतिबंध, गैर-अनुमोदित ईंधन के उपयोग पर रोक और निर्माण परियोजनाओं में धूल शमन स्प्रिंकलर के अनिवार्य उपयोग की समीक्षा की है। उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर भारी पर्यावरणीय जुर्माना लगाने और कार्य रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में हवा की गति धीमी रहने से प्रदूषक तत्वों का फैलाव कम हो सकता है। नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और खुले में कचरा जलाने से बचने की अपील की गई है।
पीएम-जनमन योजना: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच
आवास, स्वच्छ पेयजल और सौर ऊर्जा विद्युतीकरण के लक्ष्यों की राज्यवार समीक्षानई दिल्ली | जनजातीय कल्याण

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) की प्रगति की समीक्षा बैठक की। योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बस्तियों में पक्के आवास, स्वच्छ नल जल, मोबाइल कनेक्टिविटी और सौर ऊर्जा आधारित विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और आंध्र प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के संतृप्ति लक्ष्यों की स्थिति का आकलन किया गया। मंत्रालय ने बताया कि वन क्षेत्रों में स्थित गैर-विद्युतीकृत बस्तियों में स्टैंडअलोन सौर प्रणालियां स्थापित करने का कार्य संतोषजनक गति से चल रहा है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में बहुउद्देशीय सामुदायिक केंद्र और मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती को प्राथमिकता दी गई है। जिला कलेक्टरों को व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टों के वितरण और आधार आधारित सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
उड़ान 5.0 योजना: दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए नए हवाई मार्गों का आवंटन
छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क को मजबूतीनई दिल्ली | नागर विमानन

नागर विमानन मंत्रालय ने क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) के नवीनतम चरण के तहत चिन्हित नए हवाई मार्गों की सूची को अंतिम रूप दिया है। इस चरण में पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी भूभागों और द्वीप क्षेत्रों के छोटे हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट्स को जोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। योजना के अंतर्गत विमानन कंपनियों को व्यवहार्यता अंतराल वित्तपोषण (वीजीएफ) और रियायती हवाई अड्डा शुल्क प्रदान किए जाते हैं, ताकि आम नागरिकों के लिए हवाई किराया किफायती रखा जा सके। कई गैर-महानगरीय शहरों के बीच सीधी उड़ानें शुरू होने से क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने इन मार्गों से जुड़े हवाई अड्डों पर रनवे विस्तार, टर्मिनल अपग्रेडेशन और सुरक्षा उपकरणों की स्थापना का कार्य समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया है।









